जब आप लाइफ में बहुत निराश हो तो उन घटनाओं को याद कीजिये जब आप ने अपनी जिंदगी में कुछ चीजों को बड़े आसानी से पाली थी ,हो सकता हैं आपको लगता है की ये तो आराम से मिलना ही है पर कुछ उन घटनाओ को भी याद कीजिये जिसमे दुसरो को वही चीजे नहीं मिली। भगवान् को थैंक्स कहिए बहुत बड़ी बात है है कि उन्होंने आपको वो चीजे दी.
हर छोटी चीज़ को पा लेने में हम उसकी महत्ता को नहीं समझ पाते क्यूंकि हमे आदत हो चुकी है कि बड़ा पाने की। हम उनको बहुत इज़्ज़त देते हैं जो बहुत बड़े -बड़े ओहदो पर विराजमान हैं। हम छोटो की इज़्ज़त करना ही भूल गए हैं छोटो से मेरा मतलब उन लोगो से है जो हमारे समाज में छोटे-मोटे काम करते हैं।
हम बहुत बार जिंदगी में बहुत निराश हो जाते हैं और समझ लेते है ,जिंदगी ख़त्म हो गयी है पर ऐसा नहीं होता। ये तो हमारी संकीर्ण सोच है जो जिंदगी को एक सफलता -असफलता से माप लेती है। इससे इतर जिंदगी बहुत खूबसूरत है जिसे हम देख ही नहीं पाते
कर ली। जब हम नेगेटिव सोचते हैं तो हम दुनिया को देखने का नजरिया ही बदल देते हैं हर बात हमे गलत और बेसिरपैर की लगती हैं हर शक्श को हम गलत समझ लेते हैं।
हम अपनी सोच को इतना संकीर्ण कर लेते हैं की लोगो के सामने खुद को तुच्छ और दुसरो को महान समझने लगते हैं जो की ये बहुत बड़ी गलती है पर इसपर क्या बोल सकते हैं ये हमारी सोच का ही फल होता है।
चीज़े आसानी से नहीं मिलती उसके लिए हमे बेशक बहुत मेहनत करनी पड़ती है ,बहुत से लोग मेहनत से भागते हैं की इतनी मेहनत तो नहीं होगा जाने दो ये मेरे लिए तो बना ही नहीं है। यहाँ नकारात्मकता हमारे ऊपर हावी हो जाती है तब हम अपना दृष्टिकोण भी नकारात्मकता से भर लिए लेते हैं।
हर छोटी चीज़ को पा लेने में हम उसकी महत्ता को नहीं समझ पाते क्यूंकि हमे आदत हो चुकी है कि बड़ा पाने की। हम उनको बहुत इज़्ज़त देते हैं जो बहुत बड़े -बड़े ओहदो पर विराजमान हैं। हम छोटो की इज़्ज़त करना ही भूल गए हैं छोटो से मेरा मतलब उन लोगो से है जो हमारे समाज में छोटे-मोटे काम करते हैं।
हम बहुत बार जिंदगी में बहुत निराश हो जाते हैं और समझ लेते है ,जिंदगी ख़त्म हो गयी है पर ऐसा नहीं होता। ये तो हमारी संकीर्ण सोच है जो जिंदगी को एक सफलता -असफलता से माप लेती है। इससे इतर जिंदगी बहुत खूबसूरत है जिसे हम देख ही नहीं पाते
हमें हमेशा पॉजिटिव तो होना पड़ेगा क्यूंकि अगर हमने अपने ऊपर नकारात्मकता की चादर दाल ली तो बहुत गड़बड़ हो जाएगी मतलब हमने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने की उम्मीद कम
- एक बार मैंने हेलेन केलर की एक बहुत ही अच्छी लाइन पढ़ी थी जिसमे उन्होंने कहा था की,मैं बहुत लकी हूँ जिसे भगवान् ने इस तरह बनाया है मैं हर चीज़ो को बहुत ज्यादा फील कर पाती हूँ शायद दूसरे ये नहीं कर पाते क्यूंकि वो देख पाते हैं उनके लिए सब चीज़ो को देखना ही काफी होता है पर मैं देख नहीं पाती तो चीज़ो को ज्यादा महसूस कर पाती हूँ
कर ली। जब हम नेगेटिव सोचते हैं तो हम दुनिया को देखने का नजरिया ही बदल देते हैं हर बात हमे गलत और बेसिरपैर की लगती हैं हर शक्श को हम गलत समझ लेते हैं।
हम अपनी सोच को इतना संकीर्ण कर लेते हैं की लोगो के सामने खुद को तुच्छ और दुसरो को महान समझने लगते हैं जो की ये बहुत बड़ी गलती है पर इसपर क्या बोल सकते हैं ये हमारी सोच का ही फल होता है।
चीज़े आसानी से नहीं मिलती उसके लिए हमे बेशक बहुत मेहनत करनी पड़ती है ,बहुत से लोग मेहनत से भागते हैं की इतनी मेहनत तो नहीं होगा जाने दो ये मेरे लिए तो बना ही नहीं है। यहाँ नकारात्मकता हमारे ऊपर हावी हो जाती है तब हम अपना दृष्टिकोण भी नकारात्मकता से भर लिए लेते हैं।
तुम बेशक हीरे के समान हो.... लेकिन सामने वाला हमेशा तुम्हारी कीमत अपनी हैसियत -अपनी जानकारी -अपनी समझ के हिसाब से ही लगाएगा। मानव जीवन (value of life )अमूल्य है इसकी कीमत लगा सकता।इसलिए अगर जिंदगी के किसी मोड़ पर कोई तुम्हारी काबिलियत की आलोचना करे या तुम्हे नाकारा समझे तो घबराना नहीं क्यूंकि दुनिया में तुम्हे पहचानने वाले भी मिल ही जायेंगे।
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